आया सावन आया सावन

  • हरीश कुमार

Abstract

आया सावन आया सावन खिल गया उपवन बहने लगी मंद मंद पवन खुला खुला हैं गगन देखकर सुहानी सावन 
झुमने लगी पिली पिली सरसों पेड़ों पे लगने लगे मंजर चलने लगी खुशबु की लहर गाने लगा मानव मन 
नाच रही  डाली डाली रंग बिरंगी फूलों की कलि मौसम हो गया कितना मनभावन आया सावन आया सावन 
Published
2017-03-15