आया सावन आया सावन
Abstract
आया सावन आया सावन खिल गया उपवन बहने लगी मंद मंद पवन खुला खुला हैं गगन देखकर सुहानी सावनझुमने लगी पिली पिली सरसों पेड़ों पे लगने लगे मंजर चलने लगी खुशबु की लहर गाने लगा मानव मन
नाच रही डाली डाली रंग बिरंगी फूलों की कलि मौसम हो गया कितना मनभावन आया सावन आया सावन



