परिवार के दायरे में महिलाएं
Abstract
परिवार के बिना सामाजिक व्यवस्था की कल्पना करना कठिन है। इसके उत्पादन, पुनरूत्थान, स्नेही देखभाल व भावनात्मक वातावरण में निवास उपलब्ध कराने की गतिविधियां, अन्य किसी भी संस्था द्वारा पूरी नहीं की जा सकती। महिलाओं के लिए परिवार वह स्थल है जहां उन्हें सुरक्षा एवं देखभाल अनुभव होती है परंतु वही परिवार वह स्थान भी है जहां महिलाएं अनेक तनाव झेलती हैं। इस तरह की जटिल संस्था बहुधा समाज वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं द्वारा परखी जाती हैं और पारिवारिक गव्यात्मकता, लेखकों, मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रचुर संसाधन उपलब्ध कराती हैं। एक तरफ परिवार को निजी कार्यक्षेत्र के रूप में माना जाता है, परिवार की चारदीवारी के भीतर जो भी हो रहा है, उससे बाहर वाले को कोई मतलब नहीं, फिर भी राज्य, सक्रिय कार्यकर्ता कई अवसरों पर पारिवारिक स्थिति में हस्तक्षेप करते हैं। पारिवारिक सत्ता से पीड़ित महिला, बाहरी एजेंसियों की ओर से पारिवारिक मसले में किए जा रहे हस्तक्षेप का स्वागत करती हैं।



