पण्डित मुकुटधर पाण्डेय की रचनाओं में लोक-स्वर
Abstract
पण्डित मुकुटधर पाण्डेय द्विवेदीयुगीन प्रमुख हिंदी साहित्यकारों में से एक हैं। वे छायावादी काव्यधारा के प्रथम चिंतक माने जाते हैं। उन्हें हिंदी, संस्कृत, अँग्रेजी, उड़िया और बंगला भाषाओं का ज्ञान था। उन्होंने अनुवाद कार्य भी किया है। महाकवि कालिदास की कालजयी कृति ‘मेघदूत’ का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद किया है। वे प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं, उनकी कविता ‘कुररी के प्रति’ तथा ‘हिंदी में छायावाद’ लेखमाला प्रसिद्ध हैं।



