वर्तमान युग में गांधीवाद की सार्थकता
Abstract
महात्मागांधी के विचार, दर्शन और सन्देश वर्तमान के लिए बहुत सार्थक है। सत्य और अहिंसा पर आधारित मानवधर्म की संस्थापना के लक्ष्य से अभिषिक्त विचारधारा गॉधीवाद के नाम से सर्वस्वीकृत है। बींसवी शताब्दी में भारतीय चिन्तंन के क्षेत्र में इसका विशिष्ट महत्व है। आज स्थायी मान्यताएं जैसे सेवा, त्याग और दुसरो के लिए सहिष्णुता बहुत तेजी से समाप्त होती जा रहीं है और उनका स्थान लालच, अवसरवाद, धोखा और चालाकी के द्वारा लिया जा रहा हैं। इन सबने द्वंदों और संघर्षो को जन्म दिया है। सहिष्णुता तथा मानवप्रेम के उच्च आदर्श कमजोर पड़ते जा रहे हैं। इस प्रकार के वातावरण में गांधीवाद ही एक आशा की किरण प्रस्तुत करता है।



