हिंदी भाषा की उपयोगिता और वर्चस्वी प्रसार
Abstract
इस लेख में बदलते समय के साथ हिंदी भाषा के बढ़ते हुए स्वरूप और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बढ़ती हुई उपयोगिता और वर्चस्वी प्रसार के बारे में बताया गया है और यह बताया गया है कि दुनिया की श्रेष्ठ भाषाओं की तरह हिंदी अपने विशाल व्याकरण के साथ अपनी प्रचुर खूबियों को समेटे हुए विश्व के सामने मुखर हो रही है तथा सभी क्षेत्रों में अपनी उपयोगिता को समुचित रूप से सिद्ध कर रही है। इसके साथ साथ यह बताया गया है कि हिंदी भाषा अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह विश्व की भाषा हो चुकी है और तकनीकी और उद्योगों के विकास के साथ-साथ हिंदी भाषा हर जगह अपनी आवश्यकता प्रस्तुत कर रही हैं और इसके पीछे का प्रमुख कारण के रूप में इस भाषा को बोलने वाले लोगों की इतनी बड़ी संख्या है जो इसकी उपयोगिता को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत करती है। चाहे वह इंटरनेट हो या बहुल जनसंख्या के बीच संचार का माध्यम हर एक प्रकार से हिंदी भाषा अपनी उपयोगिता और वर्चस्वी प्रसार को बखूबी सिद्ध कर रही है।



