दिन अभी बाकि है

  • मुकेश नेगी

Abstract

पिछली बातें अधूरी है
फिर भी दिन अभी बाकि है

जो भी हमेशा के लिए अधूरा रहा
अगर पूरा हो ये जरूरी है
Published
2015-08-14