जीने की तमन्ना है
Abstract
जीने की तमन्ना है
जीना चाहता हूँ
एक दो पल
हँसना चाहता हूँ
हंसीं ओठों से निकले
या दिल से आये
ये तय होता ही नहीं
किसी को देखने से
हंसी चेहरे पे आये सही
ये होता है कभी कभी
भला हम कैसे रहे
दिल की बात कहे
जब दिल से खुश होता हूँ
कोई सामने हॉट ही नहीं
ये बात तो दिल की रही
भला हम उनकी क्या कहे
खूब आता ही उन्हें
रुलाकर हँसाना
रूठ जाने पे मानना
किसी ने ठीक कहा है
चूहे को मरकर गोबर सुंघाना
मरे घोरे को घास खिलाना
अजब है जिन्दगी का फ़साना
किसे कहे हम आपना
किसे कहे बेगाना
पर
जीने की तमन्ना है
जीना चाहता हूँ
एक दो पल
हँसना चाहता हूँ


