आँखों का पानी पुराना हो गया
Abstract
दिल जब अपना आशिकाना हो गया
शहर कितना सुहाना हो गया
डरता है अँधेरा हर घड़ी
दीया देखें जमाना हो गया
चाहत में बह गए हम तो
आंसू तो बहाना हो गया
खामोश दिल की धरकन मेरी
हवाओं का निशाना हो गया
उन्हें मनाने के लिए ‘साहिल’
कोई नया तरीका इजादकर
आँखों का पानी पुराना हो गया



