आज पहली मुलाकात
Abstract
आज पहली मुलाकात में बात बात में तुने जाने क्या जादू किया अपरिचित अनजाने थे
तुने क्या पह्चल बना ली क्या कभी था हमें पता हम ऐसे मिलेंगे अरमानों के यूँ फुल खिलेंगे जाने कब तुने अपना बना लिया मेरा दिल चुरा लिया दिल के पंछी को आजाद किया जो था कैद व्यस्त जीवन में आज पहली मुलाकात में यु ही बात बात में .....



