ढ ंढा िमने तुम्िें

  • Ms आरती

Abstract

ढ ं ढा ि म न े तु म् िें हिन के उजालों में रातों के अंधेरों में सर ज की धि में चन्िा की छांव में िर शमलें तुम मन की गिराइयों में 
-- ढ ं ढा ि म न े तु म् िें

Published
2017-01-12