मैं बहती रही हूँ, बहती रहुंगी

  • सुधीर कुमार

Abstract

तुम मेरे पुत्र हो

मैं तुम्हारी प्यास से अवगत हूँ

मैं बहती रही हूँ, बहती रहुंगी।

Published
2017-01-20