एक ख्वाहिश एक एहसास
Abstract
पलकों के झरोखों में
एक चाँद सा चेहरा दिखता है
कल्पना की कनवास पर
एक छवि सी बनती है
मई चाहू न चाहू
तेरी याद आ ही जाती है
न जाने तेरी बांटों में क्या जादू है
हर पल कानों में सुनाई देती है
क्या बताऊ जनम दिल बेकाबू है
नजरें सिर्फ तुम्हे तलाशती है



