और क्या करती है सियासत

  • आयुष आश्विन

Abstract

शांति के नाम पे दिया है दहशत 

और क्या किया है सियासत 

खत्म करके विदेशी हुकूमत 

फोर फोर कर जनता की किस्मत 

नई जिंदगी की तसल्ली देती है सियासत 

दिली रिश्तों को बाँट कर, खत्म कर मुहब्बत 

हर रोज नयी शांति प्रक्रिया शुरु करती है

Published
2017-05-14