माँ ! अब क्षमा चाहता हूँ

  • आरती

Abstract

 माँ !

तुम क्यों चली गई ?

मुझे अकेला छोड़ 

निरीह-नीरस और जड़

जीवन में 

जिसका न आदि हैं

और न अन्त 

जिसका न आधार हैं 

और न विकास 

 

पर, माँ !

मैं अब क्षमा चाहता हूँ 

Published
2017-06-14