चाहता हूँ कुछ लिखूं

  • गिरिजा देवी

Abstract

चाहता हूँ 
कुछ लिखूं 
एक कविता 
ग़ज़ल या गीत 
जो कर दे व्यक्त 
हर दर्द 
हर गम 
जो करता है 
हर वक्त 
मेरी आँखें नम
चाहता हूँ 
Published
2017-06-15