छत्तीसगढ़ के सामंती राज्यों में प्रजामण्डल की स्थापनारू एक अध्ययन

  • डाॉ दलजीत सिंह

Abstract

छत्तीसगढ़ में 14
सामंती राज्य थे। भारत के
मध्यवर्ती भाग में सन् 1861 में
मध्यप्रान्त नामक एक नये प्रान्त
का निर्माण किया गया था।
अधिकतर राज्यों में निरंकुश तथा
स्वेच्छाचारी शासन का बोल बाला
था। ब्रिटिश भारत में भारतीय
राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रसार और
लोकतंत्रए नागरिक अधिकारों तथा
उत्तरदायी शासन प्रणाली के प्रति
बढ़ती राजनीतिक चेतना ने देशी
राज्यों की जनता को भी प्रभावित
किया। महात्मा गॉंधी के द्वारा
राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व ग्रहण
करने के बाद देशी राज्यों की
जनता के आंदोलनों पर व्यापक
प्रभाव पड़ा। इसी समय भारत के
देशी राज्यों मे प्रजामण्डल गठित
होने लगे। परिणाम स्वरूप विभिन्न
राज्यों के प्रजामण्डल आपस में
मिलने लगे तथा उन्होंने क्षेत्रिय
राजनीतिक परिषदें या प्रजामण्डल
या स्टेट कांग्रेस बना लिए।
अधिकांश राज्यों में जन.जागृति
सन् 1938.39 में प्रारंभिक स्थिति में
थी। रायगढ़ और सारगढ़ राज्यों में
यद्यपि स्टेट कांग्रेस की स्थापना
सन् 1946 में हुई तथापि इन राज्यों
में जनआंदोलन का सूत्रपात सन्
1920 के असहयोग आंदोलन के
समय से ही हो चुका था।

 
Published
2017-06-10