उपेक्षित क्षिन्नर समदु ाय और साक्षित्य

  • सनुीत सनुीत

Abstract

शोधसार: साक्षित्य समाज िा दपिण िी निीं बक्षकि उसिा पर्थप्रदर्शिि भी िै। साक्षित्य िे माध्यम से समाज में क्रक्षन्तिारी पररितिन सम्भि िै। साक्षित्य िे द्वारा दक्षलत ,शोक्षषत ि उपेक्षित िगि िो आिाज दी गई तर्था उनिे अक्षधिारों िेक्षलए समाज िो जागरूि क्षिया गया। उदािरण स्िरूप दक्षलत ि स्त्री प्रश्नो िो साक्षित्य मेंखाशा मित्ि क्षमला िै। लक्षिन क्षिन्नरों िो साक्षित्य मेंजगि निीं दी गई जबक्षि ये दक्षलत और क्षस्त्रयों सेभी ज्यादा उपेक्षित जीिन जीनेिो मजबरूिैं। समाज द्वारा इन्िेभय ि अजबेिी द्रक्षि सेदेखा जाता िैइनिे सार्थ उठनेबठने,बातचीत िरनेमेंिम परिेज िरते िैं। आक्षखर क्यों ? येभी िमारी तरि मनष्ुय िैं। इन्िेंभी सम्मान िेसार्थ जीिन जीनेिा िि िै। समाज िो इनिेप्रक्षत अपना नजररया बदलना िोगा। क्षिन्नर रोजगार िमी और सामाक्षजि उपेिा िे िारण आपराक्षधि प्रिक्षृतयों मेंशाक्षमल िो रिेंिैं। इनिी मानक्षसिता और क्षस्र्थक्षत िो समझनेिी जरूरत िैतर्था साक्षित्य इसमेंमित्िपणूि भक्षमिा अदा िर सिता िै.िषि2016 मेंसाक्षित्यिार क्षचत्रा मधुक्षगल जी िे उपन्यास पोस्ट बॉक्स २०३, नाला सोपारा मेंएि क्षिन्नर बच्चे िे जीिन िी क्षिडिंबना िो बड़ेमाक्षमिि ढिंग सेप्रस्तुत क्षिया िैऔर क्षचत्रा जी नेक्षिन्नरों िो समाज िी मख्ुयधारा शाक्षमल िरने िा आििान क्षिया िै. शोध पत्र क्षिन्नर समदुाय िी क्षस्र्थक्षत िो बिेतर िरनेमेंसाक्षित्य िी भक्षूमिा िा आििान िरता ि
Published
2017-06-06