दर्द दिल में उठे

  • देव कुमार शर्मा

Abstract

किसी ने न जाना
किसी ने न पहचाना
किसी ने न मेरी दर्द को
समझ सका
किसी ने मजाक उड़ाई
किसी ने हंस दिया
और कहा
यह नाटक है इसका

Published
2017-07-17