दमन-ए-उम्मीद

  • तृप्ति कुमारी

Abstract

जरुर बदलेगी हालत
बदलेगी अपनी किस्मत
हार नहीं मानव हिम्मत
कर अपने मेहनत से मोहब्बत
रख खुद पे उम्मीद
सुनेगा खुदा फरयाद
रहोगे कबतक आखिर
हालात के हाथों मजबूर
बदलेगी किस्मत जरुर
प्रभु करेंगे दया

Published
2017-07-05