करवट बदलते कट गयी रात

  • शशिकांत शर्मा

Abstract

करवट बदलते कट गयी रात

एक पल चैन से सोया नहीं

गम की हुई जबरदस्त बारिश

पर मेरे नक्श को धोया है

तूने मेरी जान मुझे खो दिया

मैंने अब तलक तुझें खोया नहीं

नींद का खुमार आँखों में था

पर मैंने कल रात सोया नहीं

 
Published
2017-08-17