बसेरे से दूर

  • शुभाना श्री

Abstract

बसेरे से दूर

किराये के माकन में

माकन के बरामदें में

मैं बैठा था

देख रहा था

बारिश हो रही है

तभी सहसा मेरी नजर

पड़ी एक पेड़ पर

पेड़ क्या था एक कंकाल

सुकें डालियों  से निर्मित

उसी पेड़ पर

देख मैने

बसेरे से दूर

Published
2017-10-16