नहीं अब अमन चैन
Abstract
नहीं अब अमन चैनदिल को जो दे आराम
मिलते नहीं अब वे नैन
न जाने कब उठा ले जाये
पहचानेगा कौन
गोली मारो या गाली दो
अब लोग रहते हैं मौन
मम्मी पापा न से बहार जाने दे
बाहर घुमने पर लगा हैं बैन
हम रो रहे हैं हमें रोने दो
अब उन्हें मिले चैन
फिर आयेंगे कर गए वादें
सब हैं बेचैन



